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Sunday, February 2, 2020

The cause of Corona virus and treatment of corona virus in Hindi

The cause of Corona virus and treatment of corona virus in Hindi

कोरोना वायरस के कारण और उपचार।

हेलो दोस्तों आज हम बात करेंगे करो ना यार इसके बारे में इसके अलावा के बारे में और इसके कारण के बारे में केजे कैसे होता है ना जो आप ऐसे से बच सकें।


 कोरोना virus वायरस के प्रकार हैं जो आम तौर पर मनुष्यों सहित स्तनधारियों के श्वसन पथ को प्रभावित करते हैं।  वे सामान्य सर्दी, निमोनिया और गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम (SARS) से जुड़े हैं और आंत को भी प्रभावित कर सकते हैं।

 एक कोरोनोवायरस को पहली बार 1937 में पक्षियों में एक संक्रामक ब्रोंकाइटिस वायरस से अलग किया गया था, जो पोल्ट्री स्टॉक को गंभीरता से नष्ट करने की क्षमता रखता है।

 ये वायरस 15 से 30 प्रतिशत आम सर्दी के लिए जिम्मेदार हैं।

 पिछले 70 वर्षों में, वैज्ञानिकों ने पाया है कि कोरोनाविरस चूहों, चूहों, कुत्तों, बिल्लियों, टर्की, घोड़ों, सूअरों और मवेशियों को संक्रमित कर सकते हैं।  हाल ही में, अधिकारियों ने चीन में एक कोरोनावायरस प्रकोप की पहचान की जो अब अन्य देशों में पहुंच गया है।

बचाव।

दोस्तों अब हम बात करेंगे करो ना यार इसके बचाव से ताके आप इस से बच सकें इसके बचाव के बारे में जानेंगे के इसे कैसे बचा जा सकता है तान जो आप इससे बच ske.


दोस्तों करोना virus से बचने का एक ही रास्ता है जो आपको घर पर ही करना होगा

दोस्तों करोना virus से बचने के लिए आपको अपने गले को हमेशा तर्जनी के गिला रखना होगा जिसके कारण करो ना यार उसका असर बहुत ही ज्यादा कम हो जाता है। जब आपका गला सूखता है उस में खराश होती है जो खास ही वगैरह होती है तब आपको कोरोनावायरस होने के लक्षण हो सकते हैं।

दोस्तों करोना से बचने का दूसरा जो रास्ता है वह सबसे बड़ा रास्ता और सबसे असरदार रास्ता है। जिसको आपको हर रोज अपनाना होगा और इसको rotin  में ऐड करना होगा वह यह है कि आपको हर रोज एक globe  हम अमरबेल भी कहते हैं। ग्लोब को उबालकर जानी अमरबेल को उबालकर
और उसी में तुलसी के पत्ते उबालकर एक सूप बना लेना है और इसमें थोड़ा-सा नमक भी ऐड कर लेना है। यह सूप आप एक या दो दिन का बना कर रख सकते हैं। जिससे आपको दिन में एक या दो बार लेना होगा इसकी इसको लेने की जो विधि है वह यह है कि आपको इसे थोड़ा सा जिसे हम 10 या 15 चमचे भी कह सकते हैं। एक गिलास में डालना है और पीकर इसके ऊपर से पानी पी लेना है।

अगर दोस्तों आप इस नुक्से को हफ्ते में 5 - 4 दिन भी अपनाते हैं तो आप इससे बच सकते हैं यह मेरा वादा है आपसे और यह एक बहुत ही असरदार नुकसा है। अगर इसके बाद भी आपको कोई बीमारी लगती है तो मैं इसकी गारंटी लेता हूं। इससे उसके नुक्से के बाद कोई भी बीमारी लगने की आवश्यकता नहीं है खास करके जो virus होते हैं। यह तो बिल्कुल भी हमारे पास नहीं आ सकते। क्योंकि इसे जेनोक्सा बहुत पहले ही मार देता है.

अगर दोस्तों आप isko use करते हैं तो दुनिया का कोई भी वायरस आपके शरीर तक नहीं पहुंच सकता। अगर वह पहुंच भी जाए तो yeh नुक्सा उसको बिलकुल अच्छी तरह से खत्म कर देता है।

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